✍ थोड़ा और

✍ मनोज मुंतशिर चले आओ पास मेरे थोडा और, थोडा और थोडा और ज़रा सी बात है समझते क्यूँ नहीं तेरे बिन मैं नहीं मेरे बिन तू नहीं मेरे हो जाओ ना सुनो थोडा और चले आओ पास मेरे थोडा और, थोडा और थोडा और ज़रा सी दूरियां भी नहीं तुमसे गवारा हाँ ऐसे प्यार… Continue reading ✍ थोड़ा और

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📓#0003 मेरे अहसास

      प्रिय, एक बेहतरीन दिन की शुरुआत बेहतरीन सपनोँ से होती है और बेहतरीन सपनें तभी आते है जब आप बेहतरीन कल्पनायें करें और अपेक्षाएं करें । कौन बेहतरीन सोच सकता है या कल्पना कर सकता है इसके कंही कोई मायने नहीं पर वही जब दिन की बेहतरीन शुरुआत करें तो निश्चित ही… Continue reading 📓#0003 मेरे अहसास

✍ आसमां

1. नाज़िल ना होगी आसमां से फ़िक्र मेरी तेरा इश्तक़बाल महज़ इनायत तो नहीं नाज़िल- उतरना इश्तक़बाल- स्वागत इनायत - मेहरबानी 2. आसमान के पैरो का जो ख़ुर्द-ए-ख़ाक हुँ मोजिज़ रक़्स जमीं पर आफ़ताब हूँ मोजिज़ - ईहलोक पर चमत्कार रक़्स - नाटक आफ़ताब - सूरज ✍ राज راز

✍तेरी याद

पल पल हर लम्हा तेरी यादों में कोई मरता है एक छोटा सा घर हर पल बनता बिखरता है मायूस सा घण्टों ऐसे ही कोने में दुबका रहता है हर पल तेरी यादों में कोई जलता भुनता रहता है साँसे भी नागवार गुजरती है , दिल बेरहम धड़कता है रूह भी हार जाती है जब… Continue reading ✍तेरी याद

✍मत पूछना

तेरे बिना गुज़रे लम्हे कैसे कटे थे मत पूछना में छुप छुप के क्यों रोया था मत पूछना तेरे बिन अकेला में कँहा ,खो गया मत पूछना में क्यों चलते चलते रुक जाता हूँ मत पूछना और यह भी मत पूछना की क्यों घर लेट जाता हूँ क्यों तेरी साँसे सुनने को मरता हूँ मत… Continue reading ✍मत पूछना

✍में कह नहीं पाता

में लिख तो देता हुँ ,पर भेज नहीं पाता बहुत कुछ है दिल में मेरे जिक्र तो करता हूँ , पर कह नहीं पाता कुछ यूँ करो न बिना कुछ कहे,बहुत कुछ समझ जाओ मेरे दिल में आओ और ,यहीं रह जाओ कुछ ऐसा करो न बिना शब्दों के ही झनकार दो मुझे में चल… Continue reading ✍में कह नहीं पाता

📓#0002

    में मुर्ख हो सकता हूँ , में गलती कर सकता हूँ और गलत भी हो सकता हूँ पर मुझमे जो भी है वो बस आप तक जाने के लिए है । में खुद के अंदर एक ज्वालामुखी देख रहा हूँ और वो बस दबा पड़ा है और दिन ब दिन यु लम्हे गुजरते… Continue reading 📓#0002